
भारत सरकार ने राशन वितरण प्रणाली में सुधार लाने और फर्जी या डुप्लीकेट राशन कार्डों को समाप्त करने के उद्देश्य से राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र व्यक्तियों को ही सरकारी राशन और अन्य लाभ मिलें। हालांकि, 31 मार्च 2025 तक सभी राशन कार्ड धारकों को अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी थी, लेकिन अब तक 5 लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों ने इसे पूरा नहीं किया है। इसके कारण सरकार ने इस प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ाकर 30 अप्रैल 2025 कर दी है।
राशन कार्ड धारकों को मिलेगा या नहीं मिलेगा लाभ?
समय सीमा बढ़ाने के बाद भी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जो लाभार्थी 30 अप्रैल 2025 तक ई-केवाईसी नहीं करवाएंगे, उन्हें राशन की सुविधाएं नहीं मिलेंगी। मुफ्त राशन की सुविधाओं को रोक दिया जाएगा और उनका राशन कार्ड भी रद्द किया जा सकता है। इससे यह स्पष्ट है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया अब राशन कार्ड धारकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।
राशन कार्ड ई-केवाईसी क्यों जरूरी है?
सरकार का उद्देश्य यह है कि राशन कार्ड का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। इसके लिए बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से फर्जी लाभार्थियों की पहचान की जा सकती है और केवल वास्तविक पात्र व्यक्तियों को सरकारी संसाधनों का लाभ मिल सकेगा। इससे सरकारी राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और समाज के वंचित वर्ग तक सही तरीके से राशन पहुंचेगा।
राशन कार्ड ई-केवाईसी में देरी के कारण
अभी भी करीब 5 लाख राशन कार्ड धारकों ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है। इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण हो सकते हैं:
- नेटवर्क की कमी: खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण कई लाभार्थी समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
- तकनीकी समस्याएं: ई-पॉस मशीनों की खराबी और बायोमेट्रिक डेटा को सही तरीके से स्कैन न कर पाना जैसे कारण भी देरी का कारण बन रहे हैं।
- जागरूकता की कमी: कई लाभार्थी इस प्रक्रिया के बारे में पूरी तरह से अवगत नहीं हैं और उन्हें ई-केवाईसी की आवश्यकता का पता नहीं है।
- स्थान परिवर्तन: कुछ लाभार्थी अपने मूल निवास स्थान से बाहर रहते हैं, जिससे उन्हें समय पर ई-केवाईसी करवाने में कठिनाई हो रही है।
- बायोमेट्रिक सत्यापन में कठिनाई: बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट मशीन में ठीक से स्कैन नहीं हो पा रहे हैं, जिससे प्रक्रिया में देरी हो रही है।
राशन कार्ड ई-केवाईसी प्रक्रिया कैसे करें?
राशन कार्ड धारक अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से ई-केवाईसी करवा सकते हैं।
- ऑनलाइन तरीका: कुछ राज्यों में ‘मेरा राशन’ ऐप या एनएफएसए पोर्टल के माध्यम से ई-केवाईसी की प्रक्रिया की जा सकती है। इसके लिए यह सुनिश्चित करें कि आपका आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लिंक हो।
- ऑफलाइन तरीका: आपको नजदीकी सरकारी राशन की दुकान पर जाना होगा, जहां आधार कार्ड और राशन कार्ड के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन होगा और उसके बाद ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।