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ट्रंप की टैरिफ तानाशाही – चीन पर 34% टैक्स की मार, पाकिस्तान-बांग्लादेश भी निशाने पर, जानिए किन देशों पर कितना टैक्स

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26% और चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित अन्य देशों पर 29% से 49% तक टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह फैसला अमेरिका की "आर्थिक स्वतंत्रता" की नई नीति का हिस्सा है, जो 5 अप्रैल से लागू होगी। इससे वैश्विक व्यापार समीकरणों में बड़ा बदलाव आ सकता है।

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ट्रंप की टैरिफ तानाशाही – चीन पर 34% टैक्स की मार, पाकिस्तान-बांग्लादेश भी निशाने पर, जानिए किन देशों पर कितना टैक्स
ट्रंप की टैरिफ तानाशाही

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में की गई टैरिफ-Tariff की घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने बुधवार को भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा करते हुए कहा कि जब भारत अमेरिका पर 52 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लगाता है, तो अमेरिका को भी अपनी आर्थिक रक्षा नीति सख्त करनी होगी। इसी क्रम में अमेरिका अब भारत सहित कई अन्य देशों पर आयात टैरिफ बढ़ा रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार समीकरणों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

भारत पर 26% टैरिफ, पड़ोसी देशों पर और भी ज्यादा सख्ती

ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब अमेरिका अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा। भारत पर 26 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने के साथ-साथ अमेरिका ने चीन पर 34%, पाकिस्तान पर 29%, और बांग्लादेश पर 37% टैरिफ की घोषणा की है। इतना ही नहीं, वियतनाम पर 46%, कंबोडिया पर 49%, दक्षिण अफ्रीका पर 30%, इंडोनेशिया पर 32%, ब्राजील और सिंगापुर जैसे देशों पर 10% आयात शुल्क लगाया गया है। यह टैरिफ 5 अप्रैल से लागू होंगे और जिन देशों पर विशेष दरें लागू की गई हैं, उनसे वसूली 9 अप्रैल से शुरू की जाएगी।

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Tariff dictatorship
Tariff dictatorship

“ट्रेड में दोस्त भी दुश्मन से खतरनाक” – ट्रंप का तीखा बयान

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में वैश्विक व्यापारिक रिश्तों पर सवाल उठाते हुए कहा, “ट्रेड के मामले में मित्र, शत्रु से भी अधिक खतरनाक होते हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका कई देशों को सब्सिडी देता है, उन्हें व्यापारिक रूप से टिकाए रखता है, लेकिन बदले में नुकसान ही उठाता है। ट्रंप ने अमेरिका को प्राथमिकता देने की नीति को दोहराते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि अमेरिका आर्थिक स्वतंत्रता-Economic Freedom की ओर बढ़े और खुद को ग्लोबल व्यापारिक शोषण से आज़ाद करे।

“आर्थिक स्वतंत्रता की घोषणा” और “मुक्ति दिवस” का ऐलान

अपने ऐतिहासिक बयान में ट्रंप ने कहा कि वह दुनिया भर के देशों पर पारस्परिक टैरिफ लागू करने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसे उन्होंने “आर्थिक स्वतंत्रता की घोषणा” बताया। साथ ही उन्होंने इस दिन को “मुक्ति दिवस” की संज्ञा दी — एक ऐसा दिन जब अमेरिका ने अपनी आर्थिक सीमाओं की रक्षा करने की ठानी। यह आदेश व्यापार घाटे को अब केवल एक आर्थिक संकट नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आपातकाल-National Emergency मानते हुए लाया जा रहा है।

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