News

दुनिया की ये जगह जहां मरना और बच्चा पैदा करना है गैरकानूनी! इस कानून को जानकर चौंक जाएंगे

नॉर्वे का Svalbard आइलैंड एक अनोखी जगह है जहां जन्म देना और मरना गैरकानूनी है। इसकी वजह वहां की अत्यधिक ठंड और सीमित मेडिकल सुविधाएं हैं। यह कानून लोगों को संक्रमण से बचाने और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए बनाया गया है।

Published on
दुनिया की ये जगह जहां मरना और बच्चा पैदा करना है गैरकानूनी! इस कानून को जानकर चौंक जाएंगे
Svalbard

दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं जो अपने अनोखे कानूनों और रहन-सहन के तरीकों के लिए जानी जाती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोई ऐसी जगह भी हो सकती है जहां जन्म देना और मरना गैरकानूनी हो? जी हां, ऐसा ही एक स्थान है नॉर्वे का Svalbard आइलैंड। आर्कटिक ओशियन में बसा यह खूबसूरत द्वीप, जितना आकर्षक है, उतना ही अजीब और रहस्यमयी भी। यहां के कानूनों में कुछ ऐसी बातें हैं जो पहली बार सुनने पर अविश्वसनीय लगती हैं, लेकिन ये पूरी तरह से सच हैं।

Svalbard: वो द्वीप जहां बिना वीजा घूम सकते हैं लेकिन मरना मना है

Svalbard एक ऐसा द्वीप है जहां दुनिया के किसी भी कोने से लोग बिना वीजा के आ सकते हैं और घूम सकते हैं। लेकिन अगर आपको यहां रहना है, तो यहां के नियम-कानून का पालन करना अनिवार्य है। इनमें सबसे चौंकाने वाला नियम यह है कि इस आइलैंड पर किसी का मरना या बच्चे को जन्म देना पूरी तरह से वर्जित है।

मरना क्यों है गैरकानूनी? जानिए इसकी गंभीर वजह

Svalbard की जलवायु अत्यंत ठंडी है। यहां का तापमान इतना नीचे चला जाता है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी बॉडी डिकंपोज नहीं हो पाती। जब शरीर सड़ता नहीं है, तो उसमें मौजूद बैक्टीरिया और वायरस सालों तक जीवित रहते हैं। इसका मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति की मौत किसी संक्रामक बीमारी से हुई हो, तो उसके वायरस वहां मौजूद बाकी लोगों तक फैल सकते हैं। यही कारण है कि प्रशासन ने यहां मरने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

मृत्यु के समय क्या होता है?

यदि कोई व्यक्ति मृत्यु के करीब होता है या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है, तो उसे हेलीकॉप्टर के जरिए नॉर्वे के मुख्य भूमि पर भेज दिया जाता है। वहीं पर उसकी मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार होता है। यह प्रक्रिया न सिर्फ वहां के लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।

जन्म देना क्यों है प्रतिबंधित?

जन्म पर पाबंदी का कारण भी लगभग वैसा ही है। Svalbard में एक छोटा-सा अस्पताल है लेकिन उसमें पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। वहां जटिल डिलीवरी या मेडिकल इमरजेंसी को संभालने की क्षमता नहीं है। इसलिए यदि कोई महिला गर्भवती होती है, तो उसे डिलीवरी से पहले Svalbard छोड़ना पड़ता है ताकि सुरक्षित और सुविधाजनक प्रसव हो सके।

Leave a Comment