
इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए विदेश में पढ़ाई करना एक बड़ा सपना होता है, लेकिन हाई ट्यूशन फीस और रहने के खर्च के कारण यह सपना अक्सर अधूरा रह जाता है। ऐसे में कई अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटीज़ विदेशी स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप-Scholarship मुहैया कराकर उनकी मदद करती हैं। इसी दिशा में स्कॉटलैंड की प्रतिष्ठित University of Strathclyde ने सितंबर 2025 से शुरू हो रहे इंजीनियरिंग कोर्सेस के लिए विदेशी छात्रों के लिए विशेष स्कॉलरशिप-Scholarship for Engineering Students की घोषणा की है।
यह स्कॉलरशिप उन छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो Aeronautical Engineering, Renewable Energy, Mechanical Engineering जैसे कोर्सेस में फुल टाइम एडमिशन लेने की योजना बना रहे हैं।
क्या है स्कॉलरशिप की खास बातें?
स्ट्रैथक्लाइड यूनिवर्सिटी की यह स्कॉलरशिप विशेष रूप से इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला लेने वाले International Students के लिए है। यूनिवर्सिटी ने यह घोषणा की है कि योग्य छात्रों को £5,000 (लगभग ₹5.5 लाख) तक की ट्यूशन फीस में छूट दी जाएगी। खास बात यह है कि इसके लिए अलग से आवेदन करने की ज़रूरत नहीं है। अगर छात्र विश्वविद्यालय के निर्धारित कोर्स में एडमिशन लेते हैं और बाकी सभी शर्तों को पूरा करते हैं, तो स्कॉलरशिप अपने आप लागू हो जाएगी।
यानी फीस जमा करते समय ही यह राशि आपकी ट्यूशन फीस में से माइनस कर दी जाएगी। इसकी आखिरी तारीख 12 सितंबर 2025 है, इसलिए इच्छुक छात्र समय रहते एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करें।
कौन-कौन से कोर्स इसमें शामिल हैं?
यह स्कॉलरशिप 16 इंजीनियरिंग स्पेशलाइजेशन को कवर करती है, जिनमें से कुछ प्रमुख कोर्सेस इस प्रकार हैं –
Aeronautical Engineering, Architecture, Biomedical Engineering, Chemical Engineering, Civil & Environmental Engineering, Design Engineering, Electronic & Electrical Engineering, Marine Engineering, Mechanical & Aerospace Engineering, Naval Architecture, Ocean Engineering, Product Design, Prosthetics & Orthotics और Renewable Energy।
इसमें वे कोर्स भी शामिल हैं जो भविष्य की टेक्नोलॉजीज से जुड़े हैं, जैसे Renewable Energy और Ocean Engineering, जिससे स्टूडेंट्स को बेहतर जॉब अपॉर्चुनिटी और रिसर्च स्कोप मिल सकता है।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस स्कॉलरशिप के लिए वही छात्र पात्र होंगे जो निम्नलिखित शर्तें पूरी करते हों:
- छात्र अंतरराष्ट्रीय (foreign) नागरिक होना चाहिए।
- विश्वविद्यालय के किसी भी इंजीनियरिंग कोर्स में फुल टाइम एडमिशन होना चाहिए।
- स्टूडेंट को किसी सरकारी निकाय या दूतावास (embassy) से फंडिंग नहीं मिल रही हो।
- स्कॉलरशिप केवल एकेडमिक ईयर में एक बार दी जाएगी।
- फाइनल निर्णय इंजीनियरिंग फैकल्टी द्वारा लिया जाएगा।