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बाजार में आई नई सोलर सेल तकनीक, अब घर के अंदर भी पैदा हो पाएगी बिजली, देखिए क्या रहेगी कीमत

दुनिया की पहली ऐसी Solar Cell तकनीक आ गई है जो सूरज के बिना भी बिजली बना सकती है! अब आपके कमरे की लाइट ही मोबाइल चार्ज करेगी और स्मार्ट डिवाइसेज़ चलाएगी। जानिए कैसे यह इनोवेशन बदलेगा हर घर की बिजली व्यवस्था, कितनी होगी कीमत और कब तक मार्केट में होगी उपलब्ध

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बाजार में आई नई सोलर सेल तकनीक, अब घर के अंदर भी पैदा हो पाएगी बिजली, देखिए क्या रहेगी कीमत
बाजार में आई नई सोलर सेल तकनीक, अब घर के अंदर भी पैदा हो पाएगी बिजली, देखिए क्या रहेगी कीमत

सोलर एनर्जी-Solar Energy के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। हाल ही में बाजार में आई नई सोलर सेल तकनीक-Solar Cell Technology अब घर के अंदर भी बिजली पैदा करने में सक्षम होगी। यह तकनीक खास तौर पर उन इलाकों या घरों के लिए कारगर साबित हो सकती है, जहां सूरज की सीधी रोशनी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाती। यह इनोवेशन रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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नई सोलर सेल तकनीक बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रही है। यह तकनीक जहां पारंपरिक एनर्जी स्रोतों पर निर्भरता को कम करेगी, वहीं लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा का विकल्प भी देगी। आने वाले वर्षों में इसकी उपलब्धता और लागत में गिरावट के साथ यह आम उपभोक्ताओं के लिए भी सुलभ और लाभकारी साबित हो सकती है।

कैसे काम करती है यह नई सोलर सेल तकनीक

नई सोलर सेल को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह इंडोर लाइटिंग, यानी घरों के अंदर की कृत्रिम रोशनी से भी बिजली बना सकती है। पारंपरिक सोलर पैनल केवल सूरज की रोशनी में ही काम करते हैं, लेकिन यह नई तकनीक फ्लोरोसेंट, एलईडी या अन्य इनडोर लाइट से भी ऊर्जा को इलेक्ट्रिसिटी में बदल सकती है।

इस तकनीक में परोव्स्काइट (Perovskite) बेस्ड मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है जो बहुत कम रोशनी में भी प्रभावी तरीके से काम कर सकता है। यह पारंपरिक सिलिकॉन-बेस्ड सोलर पैनलों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील और कुशल है।

घर के अंदर बिजली पैदा करने की क्षमता

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सोलर सेल इनडोर एनवायरनमेंट में लगभग 26% तक की एफिशिएंसी से बिजली पैदा कर सकती है। यानी सामान्य रोशनी में भी यह घर की छोटी-मोटी जरूरतों जैसे एलईडी लाइट्स, मोबाइल चार्जिंग, स्मार्ट होम डिवाइसेज़ को आसानी से ऑपरेट कर सकती है।

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इसके अलावा, यह तकनीक उन स्मार्ट होम सिस्टम्स के लिए भी बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है जहां कम पावर की जरूरत होती है लेकिन लगातार सप्लाई जरूरी होती है।

लागत और उपलब्धता

जहां तक कीमत की बात है, विशेषज्ञों के मुताबिक यह नई सोलर सेल तकनीक अभी विकास के प्रारंभिक चरण में है, लेकिन जल्द ही इसके बड़े पैमाने पर उत्पादन की उम्मीद की जा रही है। जैसे-जैसे इसका प्रोडक्शन बढ़ेगा, वैसे-वैसे कीमतों में कमी आएगी।

फिलहाल, एक यूनिट की कीमत लगभग ₹1,500 से ₹2,500 के बीच बताई जा रही है, जो आने वाले समय में 30% तक सस्ती हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक बाजार में उपलब्ध पारंपरिक इंडोर एनर्जी सिस्टम्स की तुलना में कहीं ज्यादा कुशल और किफायती साबित हो सकती है।

पर्यावरण के लिए कितना फायदेमंद

यह नई सोलर तकनीक न केवल ऊर्जा की बचत में मदद करेगी, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद होगी। इसे लगाने से ग्रीनहाउस गैसों-Greenhouse Gases के उत्सर्जन में कमी आएगी और यह कार्बन फुटप्रिंट-Carbon Footprint को घटाने में अहम भूमिका निभाएगी।

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सरकारें भी इस तरह की टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दे रही हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy के विकल्प अपनाएं। आने वाले समय में यह तकनीक आईपीओ-IPO के माध्यम से निवेशकों के लिए भी एक बेहतर अवसर बन सकती है।

भविष्य में इसके क्या उपयोग हो सकते हैं

इस सोलर तकनीक का भविष्य काफी उज्ज्वल माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में इसका उपयोग केवल घरेलू स्तर पर ही नहीं, बल्कि कमर्शियल और इंडस्ट्रियल लेवल पर भी बढ़ सकता है। मॉल, ऑफिस, हॉस्पिटल और स्कूल जैसे स्थान जहां दिनभर artificial lighting का उपयोग होता है, वहां इस तकनीक से बिजली की बड़ी मात्रा में बचत हो सकती है।

इसके साथ ही, IoT डिवाइसेज़, सेंसर बेस्ड सिस्टम्स, हेल्थ मॉनिटरिंग उपकरण और छोटे घरेलू एप्लायंसेज़ को पावर देने के लिए यह तकनीक आदर्श साबित हो सकती है।

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भारत में इस तकनीक की संभावना

भारत जैसे देश में जहां सूरज की रोशनी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, वहां यह तकनीक इनडोर उपयोग के साथ-साथ आउटडोर इंस्टॉलेशन में भी क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। खासतौर पर शहरी इलाकों के फ्लैट्स, ऑफिस और स्कूलों में इसकी मांग तेजी से बढ़ने की संभावना है।

सरकारी योजनाओं जैसे सोलर रूफटॉप स्कीम और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के तहत इसे बढ़ावा दिए जाने की उम्मीद है। इससे आने वाले वर्षों में भारत का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर-Renewable Energy Sector और भी मजबूत हो सकता है।

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