
आजकल हर कोई साइड इनकम करना चाहता है, और अगर आपके पास खाली फ्लैट या मकान है तो उसे रेंट पर देना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रेंट पर फ्लैट देने से आपको धोखाधड़ी का शिकार भी हो सकता है? जी हां, इस समय एक नया रेंट स्कैम सामने आया है, जिसमें फ्रॉड करने वाले आपके फ्लैट को किराए पर लेकर GST फ्रॉड कर रहे हैं।
रेंट स्कैम कैसे होता है?
रेंट स्कैम का तरीका कुछ खास है। सबसे पहले, ठग आपके घर या फ्लैट की रेकी करते हैं। वे आपके स्टेटस और आसपास के माहौल को समझते हैं। फिर, वे आपके फ्लैट या घर को किराए पर लेने आते हैं और पहले की तरह एक सामान्य रेंट एग्रीमेंट बनवाते हैं। इसके साथ ही एडवांस रेंट और सिक्योरिटी डिपॉजिट भी जमा करवा देते हैं। कुछ दिनों बाद, ये लोग किसी इमरजेंसी का बहाना बनाकर फ्लैट छोड़ने की जानकारी देते हैं और सिक्योरिटी डिपॉजिट या एडवांस रेंट वापस नहीं मांगते।
मकान मालिक को शुरुआत में लगता है कि वे फायदे में हैं, लेकिन फिर कुछ दिनों बाद उनके पते पर GST का नोटिस आता है। दरअसल, इन ठगों ने आपके पते पर फर्जी GST रजिस्ट्रेशन करा लिया होता है, जिसके बाद आपको भारी टैक्स लायबिलिटी का सामना करना पड़ता है।
मकान मालिक को आने वाली मुश्किलें
अगर आप इस स्कैम का शिकार हो जाते हैं तो आपको GST से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। चूंकि ठग ने फर्जी दस्तावेज़ दिए होते हैं, उसे ट्रेस करना मुश्किल होता है। ऐसे में आपको साबित करना बहुत मुश्किल हो जाता है कि GST लायबिलिटी आपकी नहीं है। अगर आप कोर्ट में जाने का निर्णय लेते हैं तो यह प्रक्रिया बहुत लंबी हो सकती है।
रेंट पर देने से पहले क्या सावधानियां बरतें?
रेंट पर किसी को भी घर या फ्लैट देने से पहले कुछ अहम कदम उठाने की जरूरत है:
- किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन करवाएं।
- रेंट एग्रीमेंट को स्टांप पेपर पर तैयार कराएं और नोटरी रजिस्ट्रेशन करवाएं।
- किरायेदार के आधार कार्ड, पैन कार्ड और पिछले रेंट वाले एड्रेस की कॉपी लें।
- किरायेदार के काम के बारे में जानकारी प्राप्त करें और ऑफिस का पता भी चेक करें।
- रेंट एग्रीमेंट में स्पष्ट रूप से यह क्लॉज डालें कि किरायेदार इस पते का इस्तेमाल GST रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं कर सकता है।
GST रजिस्ट्रेशन चेक करें
अगर आपको संदेह है कि आपके पते पर GST रजिस्ट्रेशन हो सकता है, तो इसे ऑनलाइन चेक करना आसान है। आप GST पोर्टल पर जाकर “Search by GSTIN/UIN” या “Search by PAN” का विकल्प चुन सकते हैं और अपना PAN नंबर दर्ज करके चेक कर सकते हैं।
कहां करें शिकायत?
अगर आप रेंट स्कैम का शिकार हो गए हैं तो आप GST पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा, आप संबंधित राज्य के GST विभाग की ईमेल आईडी पर भी शिकायत कर सकते हैं या GST कस्टमर केयर नंबर 1800-103-4786 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।