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बहुत जल्द आएगा नया धर्म, भविष्यवाणी से मचा हलचल, आखिर किसने की ये भविष्यवाणी

डॉ. इमाम उमैर इलियासी ने इब्राहमिक फेथ धर्म की घोषणा की है, जो मुस्लिम, यहूदी और ईसाई धर्मों को एकजुट करेगा। अबू धाबी में बने इब्राहमिक फेथ सेंटर के माध्यम से इन तीनों धर्मों के बीच के झगड़ों को समाप्त करने की योजना है।

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बहुत जल्द आएगा नया धर्म, भविष्यवाणी से मचा हलचल, आखिर किसने की ये भविष्यवाणी
बहुत जल्द आएगा नया धर्म

डॉ. इमाम उमैर इलियासी ने हाल ही में एक अहम घोषणा की कि बहुत जल्द एक नया धर्म स्थापित होगा, जो मुस्लिम, यहूदी और ईसाई समुदायों को एकजुट करेगा। उनका कहना है कि इन तीनों धर्मों के बीच जो झगड़े हैं, उन्हें समाप्त करने के लिए यह नया धर्म आ रहा है। इस धर्म का नाम “इब्राहमिक फेथ” होगा और इसे लेकर अबू धाबी में एक सेंटर भी बनाया गया है, जो इन तीनों धर्मों को एकजुट करने के लिए काम करेगा।

इब्राहमिक फेथ का विचार

डॉ. इलियासी ने बताया कि इस्लाम, यहूदी और ईसाई धर्मों की जड़ें एक ही हैं। इन तीनों धर्मों के धर्मगुरु एक ही पिता से उत्पन्न हुए हैं, इसलिए इन धर्मों के अनुयायी आपस में कजिन (संबंधी) हैं। हालांकि, आपसी मतभेदों के कारण ये धर्म अलग हो गए हैं। अब, एक ही उद्देश्य के तहत इन्हें जोड़ने के लिए “इब्राहमिक फेथ” धर्म का निर्माण किया जा रहा है।

अबू धाबी में इब्राहमिक फेथ सेंटर

डॉ. इमाम इलियासी ने कहा कि अबू धाबी में इब्राहमिक फेथ सेंटर का निर्माण किया गया है, जिसका उद्देश्य मुस्लिम, यहूदी और ईसाई धर्मों के अनुयायियों को एक छत के नीचे लाना है। इस सेंटर में तीनों धर्मों के बीच समानताएँ दिखाने का प्रयास किया जाएगा। यह सेंटर एक मॉडल के रूप में काम करेगा, जिससे लोग समझ सकेंगे कि तीनों धर्मों में कितना मेल है, और ये कैसे एकजुट हो सकते हैं।

इब्राहमिक फेथ धर्म का उद्देश्य

डॉ. इलियासी के अनुसार, इब्राहमिक फेथ धर्म का मुख्य उद्देश्य यह है कि मुस्लिम, यहूदी और ईसाई धर्मों के अनुयायी आपस में शांति और एकता के साथ रहें। इस धर्म के माध्यम से इन धर्मों के बीच के झगड़ों को समाप्त किया जाएगा और सभी समुदायों को एक नई दिशा मिलेगी। यह नया धर्म इन तीनों धर्मों के अनुयायियों को एकजुट करने के लिए ही बनाया गया है।

इब्राहमिक फेथ धर्म का भविष्य

डॉ. इलियासी ने कहा कि यह एक ख्याल नहीं, बल्कि सच्चाई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस धर्म के आने का समय निश्चित नहीं है, लेकिन पूरी दुनिया में इस दिशा में काम चल रहा है। अबू धाबी में बने सेंटर से यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस्लाम, यहूदी और ईसाई धर्मों के अनुयायी जल्द ही आपस में एकजुट होंगे और एक नई दिशा में कदम बढ़ाएंगे।

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