
भारत के सबसे बड़े बिजनेस टायकून मुकेश अंबानी एक बार फिर ऐसे कदम के साथ चर्चा में हैं जिसने डिजिटल दुनिया में तहलका मचा दिया है। इस बार उनका फोकस क्लाउड स्टोरेज-Cloud Storage पर है, जहां उन्होंने Jio यूजर्स को एक जबरदस्त सुविधा दी है जो सीधे तौर पर गूगल- Google की सेवाओं को चुनौती देती है।
गूगल जहां अपने यूजर्स को 15GB फ्री स्टोरेज देता है, वहीं मुकेश अंबानी ने इससे तीन गुना ज्यादा यानी 50GB Cloud Storage फ्री देने का ऐलान किया है। यह ऑफर Jio के प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों यूजर्स को मिल रहा है, बशर्ते उनका प्रीपेड रिचार्ज ₹299 या उससे अधिक का हो।
Jio Cloud Storage Vs Google Drive
गूगल का मॉडल यह है कि 15GB की फ्री स्टोरेज लिमिट जीमेल, गूगल ड्राइव और फोटोज जैसी सेवाओं में साझा होती है। इसका मतलब ये हुआ कि अगर आपने फोटोज और जीमेल में ज्यादा डाटा सेव किया है तो गूगल ड्राइव में कम स्पेस बचेगा। यही नहीं, लिमिट खत्म होते ही मेल आना बंद हो जाता है और यूजर को या तो पुराना डाटा हटाना पड़ता है या फिर सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है।
अब बात करें मुकेश अंबानी के इस कदम की तो उन्होंने अपने Jio यूजर्स को एक अलग और डेडिकेटेड 50GB फ्री क्लाउड स्पेस दिया है, जो सिर्फ स्टोरेज के लिए है। इसका मतलब है कि यूजर्स अपनी फोटोज, डॉक्यूमेंट्स, वीडियो और अन्य जरूरी फाइल्स को बिना किसी टेंशन के स्टोर कर सकते हैं, और इसके लिए उन्हें एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा।
Google के Paid Plans और उनकी तुलना
गूगल के तीन प्रमुख प्लान्स हैं—लाइट, बेसिक और स्टैंडर्ड।
- लाइट प्लान: शुरुआती दो महीनों तक ₹15 प्रति माह, फिर ₹59/माह में 30GB स्टोरेज।
- बेसिक प्लान: दो महीनों तक ₹35/माह, फिर ₹130/माह में 100GB स्टोरेज।
- स्टैंडर्ड प्लान: दो महीनों तक ₹50/माह, फिर ₹210/माह में 200GB स्टोरेज।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि जहां Google अपने स्टोरेज प्लान्स के लिए मासिक सब्सक्रिप्शन चार्ज करता है, वहीं Jio अपने ग्राहकों को बिल्कुल फ्री में यह सुविधा दे रहा है।
अंबानी का रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक
यह कदम सिर्फ एक टेक्नोलॉजी सुविधा नहीं है, बल्कि यह अंबानी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ते कदम में क्लाउड स्टोरेज जैसी सुविधाएं बेहद जरूरी हैं। अंबानी न सिर्फ डेटा स्पेस की जरूरत को समझते हैं, बल्कि वह अपने यूजर्स की जेब का भी ख्याल रखते हैं।
Jio की इस सुविधा का मतलब है कि करोड़ों यूजर्स को अब गूगल के महंगे सब्सक्रिप्शन की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सीधे तौर पर गूगल के भारत में रेवेन्यू मॉडल को प्रभावित कर सकता है।