
आज के समय में किराये पर रहना आम बात हो गई है, खासकर मेट्रो सिटीज़ में। लेकिन अगर आपका किराया ₹50,000 से ज्यादा है और आपने TDS नहीं काटा है, तो इनकम टैक्स विभाग का नोटिस कभी भी दस्तक दे सकता है। इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार, अगर आप हर महीने ₹50,000 से अधिक किराया देते हैं और फिर भी टैक्स नहीं काटते हैं, तो यह कानूनन उल्लंघन माना जाता है। हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का लाभ लेने वाले बहुत से लोग इस छोटे लेकिन महत्वपूर्ण नियम को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।
TDS क्या है और इसे कब काटना अनिवार्य है?
TDS (Tax Deducted at Source) वह टैक्स है जो किराया भुगतान के वक्त ही काटकर सरकार को जमा करना होता है। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 194-I के अनुसार, अगर किराया ₹50,000 से अधिक है, तो 2% TDS काटना जरूरी है। पहले यह दर 5% थी, जिसे अक्टूबर 2023 से घटाकर 2% कर दिया गया है। चाहे पूरे साल में सिर्फ एक महीने ही किराया ₹50,000 से ऊपर गया हो, तब भी TDS लागू हो जाता है।
इस नियम का उद्देश्य आम आदमी को परेशान करना नहीं, बल्कि टैक्स की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। यदि आप इसका पालन नहीं करते, तो आपको ब्याज और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
PAN डिटेल्स का महत्व और NRI मकान मालिक की स्थिति
जब आप किराये से TDS काटते हैं, तो मकान मालिक का PAN नंबर देना अनिवार्य होता है। अगर आप गलत या अमान्य PAN डालते हैं, तो धारा 206AA के तहत 2% की जगह 20% TDS देना पड़ सकता है। और अगर मकान मालिक NRI (Non-Resident Indian) है, तो TDS की दर सीधे 30% तक पहुंच जाती है। इसलिए PAN नंबर की सही जानकारी लेना न भूलें।
TDS जमा करने की प्रक्रिया और समय सीमा
अगर आप पूरे साल किराये पर रहते हैं, तो वित्तीय वर्ष के अंत (31 मार्च) के 30 दिन के अंदर यानी 30 अप्रैल तक TDS जमा करना जरूरी है। लेकिन अगर आप बीच साल में घर बदलते हैं, तो किराये की आखिरी तारीख से 7 दिन के भीतर TDS जमा करना होगा।
TDS जमा करने के लिए आपको फॉर्म 26QC भरना होता है, जो इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसमें आपको किराये और टैक्स से जुड़ी जानकारी भरनी होती है। इसके अलावा, आपको 15 दिन के अंदर फॉर्म 16C मकान मालिक को देना होता है, जो TDS के भुगतान की पुष्टि करता है।
नियमों का उल्लंघन और उसके गंभीर परिणाम
अगर आपने TDS नहीं काटा, तो आपको हर महीने 1% का ब्याज देना होगा। अगर TDS काटा है लेकिन समय पर जमा नहीं किया, तो यह ब्याज बढ़कर 1.5% प्रति माह हो जाता है। इसके अलावा फॉर्म 26QC देर से भरने पर हर दिन ₹200 का जुर्माना (धारा 234E) भी लगाया जा सकता है।
इसलिए बेहतर यही है कि आप समय पर टैक्स की यह छोटी-सी प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी परेशानी से बच सकें।