
Myanmar Earthquake Video इन दिनों सोशल मीडिया पर दिल दहला देने वाला दृश्य पेश कर रहा है। यह वीडियो म्यांमार में 28 मार्च को आए विनाशकारी भूकंप के दौरान का है, जिसमें एक बुजुर्ग महिला और उसकी दो किशोर पोतियों को मलबे में फंसे हुए दिखाया गया है। वीडियो में लड़कियां मदद के लिए चिल्लाती नजर आती हैं। बताया जा रहा है कि ये तीनों महिलाएं 15 घंटे तक मलबे के नीचे फंसी रहीं, इसके बाद बचावकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
म्यांमार में आया एक सदी का सबसे शक्तिशाली भूकंप
28 मार्च को दोपहर के समय म्यांमार में जो भूकंप आया, उसकी तीव्रता 7.7 थी। इसे पिछले 100 वर्षों में म्यांमार का सबसे शक्तिशाली भूकंप कहा जा रहा है। इस विनाशकारी आपदा में प्राचीन पगोडा, ऐतिहासिक संरचनाएं और आधुनिक इमारतें सभी गिर गईं। हजारों लोग इसकी चपेट में आ गए। सरकारी मीडिया के अनुसार, इस भूकंप में 2,065 लोगों की जान चली गई है, 3,900 से अधिक लोग घायल हुए हैं और कम से कम 270 लोग अब भी लापता हैं।
जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें तीन महिलाएं अपने ढहे हुए मकान के मलबे में फंसी हुई नजर आती हैं। उन्होंने बताया कि वे पहले पांच घंटे तक बचाव दल के आने की प्रतीक्षा करती रहीं। उनके पास सिर्फ एक मोबाइल फोन था, जिसकी फ्लैश लाइट ने उन्हें न केवल रोशनी दी, बल्कि मानसिक सहारा भी प्रदान किया।
एक महिला ने बताया, “हम पूरी तरह अंधेरे में थे, लेकिन मोबाइल की रोशनी से एक-दूसरे को देख पाए। अगर वह फोन हमारे पास न होता, तो शायद हम मर जाते।”
यह वीडियो मानवीय हौसले और तकनीक के छोटे से साधन की ताकत को दिखाता है।
2 girls and their grandmother keep calm while trapped under rubble in the Myanmar earthquake. They've been rescued, but many are still missing.
— Yelisaveta Petrov (@YelisavetaPaUSA) March 31, 2025
My heart aches imagining their terror—the crushing weight, the desperate gasps for air during Myanmar's devastating earthquake. But… pic.twitter.com/QZTaybBTYj
वीडियो में कैद हुआ हौसले और उम्मीद का अनोखा दृश्य
जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें तीन महिलाएं अपने ढहे हुए मकान के मलबे में फंसी हुई नजर आती हैं। उन्होंने बताया कि वे पहले पांच घंटे तक बचाव दल के आने की प्रतीक्षा करती रहीं। उनके पास सिर्फ एक मोबाइल फोन था, जिसकी फ्लैश लाइट ने उन्हें न केवल रोशनी दी, बल्कि मानसिक सहारा भी प्रदान किया।
एक महिला ने बताया, “हम पूरी तरह अंधेरे में थे, लेकिन मोबाइल की रोशनी से एक-दूसरे को देख पाए। अगर वह फोन हमारे पास न होता, तो शायद हम मर जाते।”
यह वीडियो मानवीय हौसले और तकनीक के छोटे से साधन की ताकत को दिखाता है।
मलबे के नीचे से मिली जिंदगी की नई सीख
बचाव के बाद महिलाओं ने CNN को दिए इंटरव्यू में अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें जीवन की नश्वरता का अहसास कराया। उनमें से एक महिला ने कहा, “फंसे रहने के दौरान हमने सीखा कि कुछ भी स्थायी नहीं है। मृत्यु कभी भी आ सकती है। इसलिए जीवन में खुश रहो, अच्छे कर्म करो और दूसरों की मदद करो। बुरे काम मत करो, क्योंकि कर्म तुम्हारा पीछा करेगा।”
यह शब्द न सिर्फ उनके दर्द को बयान करते हैं, बल्कि जीवन के प्रति एक गहरी समझ और जागरूकता भी दर्शाते हैं।
बचाव कार्य अभी भी जारी, हर पल कीमती
भूकंप के बाद राहत एवं बचाव कार्य लगातार चल रहे हैं। बचावकर्मी चौबीसों घंटे मलबे के नीचे से जीवित लोगों को खोजने का प्रयास कर रहे हैं। हजारों की संख्या में घर और इमारतें ध्वस्त हो चुकी हैं। कई इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाने में बाधाएं आ रही हैं, लेकिन फिर भी स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां सक्रिय रूप से मदद में जुटी हुई हैं।