
Fraudulent Property Registry के मामले इन दिनों तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। खासतौर पर रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश करने वाले लोग इस फर्जीवाड़े का शिकार हो रहे हैं। अगर आपके प्लॉट या जमीन की किसी अन्य व्यक्ति ने फर्जी रजिस्ट्री करवा ली है, तो सतर्क हो जाएं। यह केवल संपत्ति की हानि नहीं, बल्कि आपके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा है। Property Fraud की शिकायत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से की जा सकती है। साथ ही जमीन खरीदने से पहले आपको फेक रजिस्ट्री की जांच अवश्य करनी चाहिए।
आज के समय में रियल एस्टेट (Real Estate) को सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक माना जाता है। लोग अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जमीन-जायदाद में निवेश करते हैं। लेकिन इस सेक्टर में Fraudulent Registry जैसी घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। फर्जी दस्तावेजों के दम पर कई लोग दूसरे की जमीन पर रजिस्ट्री करवा लेते हैं और फिर उसे तीसरे व्यक्ति को बेच देते हैं। इस तरह के मामलों में न सिर्फ असली मालिक को नुकसान होता है, बल्कि खरीदार भी धोखे का शिकार हो जाता है।
फर्जी रजिस्ट्री की शिकायत कैसे करें?
अगर आप इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप कई तरीकों से इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिससे फर्जी रजिस्ट्री को कैंसिल कराया जा सकता है और भविष्य में होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।
ऑफलाइन शिकायत का तरीका
आप अपने क्षेत्र के रजिस्ट्रार या सब-रजिस्ट्रार कार्यालय जाकर शिकायत कर सकते हैं। आपको यह बताना होगा कि आपके प्लॉट या जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति ने धोखाधड़ी या जालसाजी से रजिस्ट्री करवाई है। साथ ही, यह भी स्पष्ट करें कि आपकी इस प्रक्रिया में कोई सहमति नहीं थी। ऑफिसर आपके दस्तावेजों की जांच करेगा और अगर आरोप सही पाए गए, तो फर्जी रजिस्ट्री को रद्द कर दिया जाएगा।
पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराना
आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर भारतीय दंड संहिता की धारा 318 के तहत शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसमें धोखाधड़ी और बेईमानी के आरोप लगाए जा सकते हैं। इस शिकायत के बाद पुलिस जांच शुरू करेगी और जरूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करने का तरीका
अगर आप उत्तर प्रदेश या बिहार जैसे राज्यों से हैं, तो आप Inspector General of Registration (IGR) के पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए संबंधित राज्य के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन भरना होगा। इसके अतिरिक्त, आप सिविल कोर्ट में जाकर संपत्ति पर अधिकार का दावा भी कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि शिकायत दर्ज करते समय आपके पास सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे जमीन की रजिस्ट्री, कब्जा प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, आदि मौजूद हों। बिना दस्तावेजों के आप किसी भी प्रकार की कानूनी सुरक्षा का लाभ नहीं उठा सकते।
जमीन खरीदते समय बरतें ये सावधानी
फर्जी रजिस्ट्री से बचने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि आप जमीन खरीदने से पहले उसकी Registry Verification अवश्य करें। देखें कि जमीन बेचने वाले व्यक्ति का नाम ही रजिस्ट्री में दर्ज हो। अगर किसी और के नाम पर जमीन दर्ज है, तो उस संपत्ति से दूर रहना ही बेहतर है। आप चाहें तो Revenue Department या Land Records Portal के जरिए रजिस्ट्री की स्थिति जांच सकते हैं।