
राजस्थान सरकार ने फसलों की सुरक्षा के लिए चलाई जा रही तारबंदी सब्सिडी योजना में बड़ा बदलाव करते हुए अब छोटे किसानों को भी इस योजना का लाभ उठाने का अवसर दिया है। पहले जहां योजना का लाभ उठाने के लिए न्यूनतम 6 बीघा ज़मीन की आवश्यकता थी, अब इसे घटाकर 0.5 हेक्टेयर (2 बीघा) कर दिया गया है। इससे छोटे और सीमांत किसान भी अब तारबंदी योजना के अंतर्गत 60% तक की सब्सिडी का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य फसलों को नीलगाय, जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से बचाना है।
तारबंदी योजना की नई पात्रता शर्तें
राज्य सरकार की यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, पोषण मिशन-न्यूट्रीसीरियल, दलहन, गेहूं और मोटा अनाज, तथा नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-तिलहन (60:40) के अंतर्गत संचालित की जा रही है। योजना में व्यक्तिगत, समूह और सामुदायिक स्तर पर अलग-अलग पात्रता तय की गई है।
- व्यक्तिगत किसान के लिए –
- न्यूनतम 0.5 हेक्टेयर भूमि एक ही स्थान पर होना जरूरी है।
- कृषक समूह के लिए –
- कम से कम 2 किसान और न्यूनतम 0.5 हेक्टेयर भूमि, जिसकी सीमाएं एक ही परिधि में होनी चाहिए।
- सामुदायिक स्तर पर –
- कम से कम 10 किसानों का समूह और सामूहिक रूप से 5 हेक्टेयर भूमि, जिसमें सभी किसानों की ज़मीन परस्पर सीमित हो।
तारबंदी पर कितना मिलेगा अनुदान
किसान इस योजना के तहत तारबंदी की लागत पर 60% तक अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। यह राशि राज्य सरकार की ओर से सीधे पात्र किसानों को प्रदान की जाती है, जिससे वे अपनी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें और जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाव कर सकें।
आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज़
इस योजना में आवेदन के लिए किसान https://rajkisan.rajasthan.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जो किसान ऑनलाइन प्रक्रिया से अनभिज्ञ हैं, वे नजदीकी ई-मित्र केंद्र या कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेजों में शामिल हैं:
- आधार कार्ड
- जन आधार कार्ड
- 6 माह से अधिक पुरानी नहीं हुई जमाबंदी की नकल
- बैंक खाता विवरण
आवेदन की प्राप्ति रसीद केवल ऑनलाइन ही मिलेगी, जिसे डाउनलोड करके संभाल कर रखना जरूरी है।