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चारधाम यात्रा से पहले फैला खतरनाक वायरस! सरकार ने बनाए क्वारंटीन सेंटर

चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से शुरू हो रही है, लेकिन इससे पहले घोड़े-खच्चरों में एक्वाईन इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि से सरकार सतर्क हो गई है। रुद्रप्रयाग में दो क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं और सभी अश्ववंशीय पशुओं की अनिवार्य स्क्रीनिंग की जा रही है। यात्रा की तैयारियों को लेकर सरकार अलर्ट मोड में है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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चारधाम यात्रा से पहले फैला खतरनाक वायरस! सरकार ने बनाए क्वारंटीन सेंटर
चारधाम यात्रा

चारधाम यात्रा 2025 की शुरुआत 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया से हो रही है, लेकिन इससे पहले उत्तराखंड सरकार को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यात्रा मार्ग में उपयोग किए जाने वाले घोड़े-खच्चरों में एक्वाईन इन्फ्लुएंजा वायरस (Equine Influenza Virus) की पुष्टि हुई है, जिससे यात्रा की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट की तरह इस बार हेल्थ एंड सेफ्टी पर विशेष फोकस किया है, ताकि चारधाम यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

एक्वाईन इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि और प्रशासन की कार्रवाई

उत्तरकाशी से शुरू हुई इस चिंता की खबर ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सचिवालय में बैठक कर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग में इस्तेमाल होने वाले हर घोड़े और खच्चर की स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाए। अब तक 12 अश्ववंशीय पशुओं में वायरस की पुष्टि हुई है, जिन्हें क्वारंटीन किया जा चुका है। मंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि यदि कोई अधिकारी लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रुद्रप्रयाग में दो क्वारंटीन सेंटर बनाए गए

सुरक्षा के लिहाज से रुद्रप्रयाग जिले में फाटा और कोटमा में दो क्वारंटीन सेंटर स्थापित किए गए हैं। मंत्री बहुगुणा ने निर्देश दिया है कि चारधाम में किसी भी ऐसे जानवर को न जाने दिया जाए जो वायरस से संक्रमित पाया गया हो। इसके अलावा उत्तराखंड के पांच जिलों में घोड़ों और खच्चरों के सैंपल लिए जा रहे हैं, जिनकी जांच इंडियन वेटरी रिसर्च इंस्टीट्यूट मुक्तेश्वर में की जाएगी। जो भी पशु वायरस से मुक्त पाए जाएंगे, उन्हें ही यात्रा पर जाने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही यात्रियों और पशु मालिकों को रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।

चारधाम यात्रा की तैयारियां और रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन

चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इस बार रिकॉर्ड स्तर पर हो रहा है। उम्मीद की जा रही है कि 2024 का रिकॉर्ड इस साल टूट जाएगा। 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे, उसके बाद 2 मई को केदारनाथ और 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इस बार उत्तराखंड सरकार यात्रा को ज्यादा सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए पहले से अधिक सजग और सक्रिय नजर आ रही है।

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