News

बीपीएल परिवारों को बड़ा झटका! प्राइवेट स्कूल में बच्चों को पढ़ाया तो कट जाएगा नाम सूची से

झरलोग पंचायत ने बी.पी.एल. परिवारों को बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाना अनिवार्य किया है। प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने पर नाम सूची से हटेगा। पंचायत ने स्वच्छता पर भी कड़े निर्देश दिए हैं और ग्रामीणों से विकास कार्यों में भागीदारी की अपील की है। यह निर्णय सामाजिक न्याय और ग्रामीण सुधार की दिशा में अहम कदम है।

Published on
बीपीएल परिवारों को बड़ा झटका! प्राइवेट स्कूल में बच्चों को पढ़ाया तो कट जाएगा नाम सूची से
बीपीएल परिवारों को बड़ा झटका

झरलोग पंचायत की ग्राम सभा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जिसके अनुसार अब बी.पी.एल.-BPL परिवारों को अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से सरकारी स्कूलों में पढ़ाना होगा। यदि कोई बी.पी.एल. परिवार अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता है, तो उसका नाम बी.पी.एल. सूची से हटा दिया जाएगा। यह निर्णय पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया, जिसका उद्देश्य सरकारी संसाधनों का सही उपयोग और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ देना है।

ग्राम सभा में विकास कार्यों और समस्याओं पर विचार-विमर्श

पंचायत प्रधान नरेश ठाकुर की अध्यक्षता में हुई ग्राम सभा की बैठक में सभी वार्डों के ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में 14वें वित्त आयोग के तहत मिली राशि से हुए विकास कार्यों की समीक्षा की गई, जिस पर ग्रामीणों ने संतोष जताया। इसके अतिरिक्त, नलों में पानी न आने की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। पंचायत प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि यह मुद्दा सिंचाई और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा ताकि शीघ्र समाधान हो सके।

सख्ती के साथ होगा बी.पी.एल. पात्रता का पुनर्मूल्यांकन

झरलोग पंचायत ने यह स्पष्ट किया कि जो परिवार बी.पी.एल. सूची में शामिल होकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, लेकिन अपने बच्चों को महंगे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, वे वास्तविक रूप से बी.पी.एल. के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे। ऐसे परिवारों की पहचान पंचायत प्रतिनिधि अपने-अपने वार्ड में जाकर करेंगे और सूची तैयार कर पंचायत प्रधान को सौंपेंगे। इसके आधार पर गैर-पात्र परिवारों को सूची से बाहर किया जाएगा। यह कदम पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

स्वच्छता को लेकर भी लागू होंगी कड़ी हिदायतें

बैठक में ग्रामीण स्वच्छता पर भी विशेष बल दिया गया। निर्णय लिया गया कि सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदा पानी फेंकने वालों पर पंचायत जुर्माना लगाएगी। स्वच्छता को लेकर पंचायत की यह नीति सख्त होगी ताकि गांव में स्वच्छ वातावरण बना रहे। ग्रामवासियों को इसके लिए जागरूक किया गया और उन्हें साफ-सफाई बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई।

पंचायत प्रधान का ग्रामीणों को आह्वान

बैठक में पंचायत प्रधान नरेश ठाकुर ने कहा कि ग्राम सभा ही ग्रामीण विकास की नींव होती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में ग्राम सभा में भाग लें और अपने सुझाव दें। ग्रामीणों की सहभागिता से ही योजनाओं को सही दिशा और गति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि पंचायत सभी ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को प्राथमिकता से सुनेगी और उन पर कार्य करेगी।

Leave a Comment