
बरेली में राशन कार्ड (Ration Card) से जुड़े एक बड़े मामले ने सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों की नींद उड़ा दी है। पूर्ति विभाग (Supply Department) द्वारा हाल ही में किए गए सॉफ़्टवेयर अपडेट और गाइडलाइन के आधार पर जिले में सैकड़ों राशन कार्ड लॉक कर दिए गए हैं। इसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ा है जो अब तक सरकार की निःशुल्क राशन योजना (Free Ration Scheme) के अंतर्गत गेहूं-चावल जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ ले रहे थे।
यह भी देखें: Solar Rooftop Subsidy Yojana: 40% सब्सिडी पर लगेगा सोलर पैनल, आवेदन फॉर्म भरना शुरू करें!
सॉफ़्टवेयर के अपडेट से बंद हुआ फ्री राशन
पूर्ति विभाग ने सॉफ्टवेयर में तकनीकी सुधार और डेटा सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यह निर्णय लिया। इस कार्रवाई में सैकड़ों राशन कार्ड धारकों को अपात्र घोषित कर उनका कार्ड लॉक कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब ये परिवार सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों (PDS Shops) से न तो फ्री राशन ले सकेंगे और न ही एनएफएसए (NFSA – National Food Security Act) के अंतर्गत मिलने वाले गेहूं और चावल के लाभार्थी रहेंगे।
क्यों हुए राशन कार्ड लॉक?
राशन कार्ड लॉक करने की प्रक्रिया पोर्टल पर डाले गए डेटा और गाइडलाइंस के आधार पर की गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिन परिवारों के पास पक्के मकान, चार पहिया वाहन, या फिर सरकारी नौकरी जैसे संसाधन पाए गए, उन्हें अपात्र की श्रेणी में रखते हुए कार्ड रद्द किए गए हैं। इसके अलावा, कई कार्ड ऐसे भी पाए गए जिनमें दोहरी प्रविष्टियाँ (Duplicate Entries) थीं या जो वर्षों से अपडेट नहीं किए गए थे।
यह भी देखें: FD vs NSC: क्या आप जानते हैं? 7.5% ब्याज वाली FD, 7.7% वाले NSC से ज्यादा मुनाफा देती है, जानें कैसे!
प्रभावित परिवारों में गुस्सा और चिंता
इस कार्रवाई से प्रभावित सैकड़ों परिवार अब परेशान हैं और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि वे अब भी जरूरतमंद हैं, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना या मौका दिए उनका राशन कार्ड बंद कर दिया गया।
परेशान लोगों में कई बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण शामिल हैं जो केवल इसी राशन पर निर्भर थे। उनका आरोप है कि विभाग ने बिना किसी फिजिकल वेरिफिकेशन के सिर्फ कंप्यूटर के डेटा के आधार पर यह निर्णय लिया है।
क्या है पूर्ति विभाग की नई गाइडलाइन?
पूर्ति विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति के पास निम्नलिखित चीज़ें पाई जाती हैं, तो वह एनएफएसए के तहत अपात्र माना जा सकता है:
- चार पहिया वाहन
- पक्का मकान
- आयकरदाता (Income Tax Payer) होना
- परिवार में सरकारी नौकरी करने वाला सदस्य
- दो या उससे अधिक गैस कनेक्शन
- बड़ी कृषि भूमि
विभाग ने स्पष्ट किया है कि गाइडलाइन के अनुसार ही यह कार्रवाई की गई है और जरूरतमंद लोगों से अपील की गई है कि अगर उनका कार्ड गलत तरीके से लॉक किया गया है तो वे दस्तावेज़ों के साथ पुनः आवेदन कर सकते हैं।
समाधान की राह: कार्ड को दोबारा एक्टिव कैसे कराएं?
यदि किसी जरूरतमंद व्यक्ति का राशन कार्ड गलती से लॉक कर दिया गया है, तो वह संबंधित आपूर्ति कार्यालय (Supply Office) में जाकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकता है। उसे आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, आधार कार्ड, और बिजली बिल जैसे दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। अगर विभाग संतुष्ट होता है, तो कार्ड को दोबारा चालू किया जा सकता है।
क्या राज्य सरकार से मिलेगी राहत?
इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) के सामने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार पर हमला बोला है और कहा है कि अगर यह कार्रवाई गरीबों को हक से वंचित करने के लिए की गई है, तो यह निंदनीय है। वहीं, विभाग का कहना है कि यह कदम केवल गाइडलाइन के अनुसार उठाया गया है, ताकि वास्तविक लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिल सके।
यह भी देखें: NSP Scholarship Online Apply: सरकार दे रही है सभी विद्यार्थियों को ₹75,000 की स्कॉलरशिप, यहां से करें आवेदन
राशन योजना के तहत मिलने वाले लाभ
राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही फ्री राशन योजना में प्रति व्यक्ति को हर महीने 5 किलो गेहूं या चावल दिया जाता है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत अतिरिक्त राशन भी दिया जा रहा है।
इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और गरीब परिवारों को खाद्यान्न सुरक्षा प्रदान करना है, खासकर महामारी और आर्थिक संकट के समय।
भविष्य में क्या है योजना?
विभाग ने कहा है कि राशन कार्ड की इस समीक्षा प्रक्रिया को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा, ताकि केवल पात्र व्यक्तियों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। लेकिन साथ ही विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि कोई भी वास्तविक जरूरतमंद योजना से वंचित न हो।