
गर्मी के मौसम में जब शरीर तपिश से बेहाल हो, तब रूह अफ़ज़ा एक ऐसा नाम है जो ठंडक और ताज़गी का वादा करता है। दशकों से यह शरबत हर भारतीय घर का हिस्सा रहा है। बाजार में मिलने वाले रेडीमेड विकल्पों के बजाय अब इसे घर पर भी आसानी से और ज्यादा शुद्ध-प्योर तरीके से तैयार किया जा सकता है।
घर पर रूह अफ़ज़ा बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री
रूह अफ़ज़ा की सबसे पहली पहचान है उसका गुलाबी रंग और मोहक खुशबू। इसे तैयार करने के लिए आपको चाहिए – गुलाब की पंखुड़ियां (ताज़ी या सूखी), चीनी, पानी, केवड़ा जल, और कुछ खास हर्बल अर्क-Herbal Extracts जैसे खस, मोगरा और नींबू का अर्क। ये सभी सामग्री मिलकर न केवल स्वाद बढ़ाती हैं, बल्कि शरीर को ठंडक भी पहुंचाती हैं।
रूह अफ़ज़ा तैयार करने की आसान विधि
सबसे पहले गुलाब की पंखुड़ियों को पानी और चीनी के साथ धीमी आंच पर पकाएं। धीरे-धीरे यह मिश्रण एक गाढ़ी और मीठी चाशनी में बदल जाएगा। पकने के बाद इसमें केवड़ा जल और हर्बल अर्क मिलाएं और इस मिश्रण को अच्छे से उबालें। उबालने के बाद छानकर पूरी तरह ठंडा कर लें।
सिरप को स्टोर करने का तरीका और उपयोग
ठंडा हो जाने के बाद तैयार रूह अफ़ज़ा सिरप को एक साफ और एयरटाइट बोतल में भर लें। इसे फ्रिज में स्टोर कर 1 से 2 महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका सेवन आप ठंडे पानी, दूध या सोडा-Soda के साथ कर सकते हैं। चाहें तो इसमें बर्फ के टुकड़े मिलाकर ताज़गी और बढ़ा सकते हैं।
बाजार के मुकाबले घरेलू रूह अफ़ज़ा क्यों बेहतर है?
बाजार में मिलने वाले शरबतों में कई बार प्रिज़र्वेटिव्स और आर्टिफिशियल फ्लेवर होते हैं जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। वहीं, घर का बना रूह अफ़ज़ा पूरी तरह प्राकृतिक होता है। इसमें न कोई हानिकारक केमिकल होता है और न ही स्वाद से समझौता। साथ ही, इसे अपने स्वाद के अनुसार एडजस्ट भी किया जा सकता है – मीठा कम या ज्यादा, खुशबू तेज या हल्की।
सेहत के लिए लाभदायक है घरेलू रूह अफ़ज़ा
रूह अफ़ज़ा सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि यह शरीर को ठंडक, एनर्जी और मानसिक तरावट देने में भी मदद करता है। इसमें मौजूद हर्बल अर्क पाचन में सहायक होते हैं, जबकि गुलाब और केवड़ा मानसिक तनाव को कम करते हैं। यह बच्चों, बड़ों और बुज़ुर्गों सभी के लिए सुरक्षित और लाभकारी है।