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8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग पर अब भी सस्पेंस! 23 अप्रैल की बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला

केंद्र सरकार के 8वें सैलरी आयोग (8th CPC) पर 23 अप्रैल 2025 को अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महत्वपूर्ण निर्णय हो सकते हैं। जानें इस बैठक से जुड़ी सभी अहम जानकारियां और आयोग से जुड़ी नई उम्मीदें।

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8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग पर अब भी सस्पेंस! 23 अप्रैल की बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला
8th Pay Commission

केंद्र सरकार की ओर से 8वें सैलरी आयोग (8th CPC) के बारे में अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, इस मामले में सभी की निगाहें 23 अप्रैल 2025 को होने वाली नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक पर टिकी हुई हैं। इस बैठक में 8वें सैलरी आयोग के मुद्दों पर चर्चा हो सकती है, लेकिन अभी तक इसका कोई खास एजेंडा जारी नहीं किया गया है। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें सैलरी आयोग से काफी उम्मीदें हैं, और इस बैठक से इन उम्मीदों को एक नई दिशा मिल सकती है।

पिछली बैठक का सारांश

NC-JCM की स्टैंडिंग कमेटी की पिछली बैठक 10 फरवरी 2025 को हुई थी। इस बैठक में मुख्य रूप से 8वें सैलरी आयोग के लिए Terms of Reference (TOR) पर चर्चा की गई थी। TOR यह निर्धारित करता है कि आयोग को किन मुद्दों पर विचार करना है और किन पहलुओं को ध्यान में रखना है। रेलवे और रक्षा मंत्रालय से जुड़े कर्मचारियों के मामलों पर भी चर्चा की गई थी। इसके अलावा, स्टाफ साइड ने न्यूनतम सैलरी तय करने को लेकर कुछ अहम सुझाव दिए थे।

8वें वेतन आयोग के लिए स्टाफ साइड की सिफारिशें

स्टाफ साइड ने न्यूनतम सैलरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिए हैं। उनका मानना है कि परिवार के खर्च का सही अनुमान लगाने के लिए तीन की बजाय पांच सदस्यों को आधार माना जाए। यह प्रस्ताव ‘The Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act 2022’ से जुड़ा हुआ है, जिसमें बच्चों पर यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वे अपने माता-पिता की देखभाल करें। इसके अलावा, स्टाफ साइड ने सुझाव दिया कि 8वें सैलरी आयोग के गठन से पहले एक बड़ी बैठक बुलानी चाहिए, ताकि सभी लंबित मुद्दों पर चर्चा हो सके और आयोग पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

आगे की प्रक्रिया

फिलहाल, NC-JCM की स्टैंडिंग कमेटी ने 8वें CPC के Terms of Reference को अंतिम रूप नहीं दिया है। एक बार जब इस पर सहमति बन जाएगी, तो इसे केंद्रीय कैबिनेट के सामने रखा जाएगा, जिसके बाद आयोग के गठन पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। 23 अप्रैल 2025 की बैठक में इन्हीं मुद्दों पर चर्चा हो सकती है और संभावना है कि इस बैठक के बाद 8वें सैलरी आयोग को लेकर कुछ नई घोषणाएं की जाएं।

सरकार ने पेंशनर्स के लिए क्या किया?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में लोकसभा में यह घोषणा की थी कि सरकार ने पहली बार प्री-7वें और पोस्ट-7वें सैलरी आयोग के पेंशनर्स के बीच समानता लागू कर दी है। इसका मतलब यह है कि अब जो कर्मचारी 1 जनवरी 2016 से पहले रिटायर हुए थे, उन्हें भी उतनी ही पेंशन मिलेगी जितनी बाद में रिटायर होने वाले कर्मचारियों को मिलती है।

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